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यह अध्ययन प्रयागराज जिले के ग्रामीण परिवारों में खाद्य असुरक्षा की व्यापकता, उसके निर्धारकों तथा प्रभावों का क्षेत्रीय विश्लेषण प्रस्तुत करता है। अध्ययन के लिए प्रयागराज के 500 ग्रामीण परिवारों का प्राथमिक डेटा एकत्रित किया गया, जिसमें परिवार की आय, भूमि स्वामित्व, महिला शिक्षा, और सरकारी लाभ सहित विविध सामाजिक-आर्थिक घटक शामिल थे। खाद्य असुरक्षा मापन के लिए परिवारिक खाद्य असुरक्षा पहुँच मापन पैमाना (HFIAS) का उपयोग हुआ और खाद्य असुरक्षा की स्थिति को बाइनरी वर्गों में वर्गीकृत किया गया। सांख्यिकीय विश्लेषण हेतु लॉजिस्टिक रिग्रेशन मॉडल का प्रयोग किया गया, जिसने आय, भूमि का आकार, महिला शिक्षा, और सरकारी लाभ को खाद्य असुरक्षा के महत्वपूर्ण निर्धारक के रूप में पहचाना। आय में वृद्धि से खाद्य असुरक्षा की संभावना में कमी पाई गई, और भूमि स्वामित्व तथा महिला शिक्षा के प्रभाव सबसे अधिक शक्तिशाली मिले। सरकारी सहायता योजनाओं के लाभार्थी परिवारों को भी खाद्य सुरक्षा में बहुमूल्य सहायता मिली। अध्ययन के निष्कर्ष स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर खाद्य सुरक्षा सम्बंधित नीतियों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव प्रदान करते हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में लक्षित सामाजिक-आर्थिक हस्तक्षेपों की आवश्यकता को रेखांकित करते हैं। यही नहीं, कोविड-19 महामारी ने ग्रामीण खाद्य असुरक्षा की स्थिति को और जटिल बनाया है, जिसके परिणामस्वरूप सतत् निगरानी व हस्तक्षेप आवश्यक हो गए हैं। यह शोध ग्रामीण खाद्य असुरक्षा की बहुआयामी जटिलताओं को समझने तथा नीति निर्माण के लिए साक्ष्य आधारित सुझाव प्रस्तुत करने में योगदान देता है, जो प्रयागराज जिले सहित समान समसामयिक ग्रामीण इलाकों के लिए उपयोगी होगा।